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न्यूज़ एंड ब्लॉग

कृषि क्षेत्र में डिजीटल समाधानों का महत्व

भारतीय कृषि क्षेत्र में नकद मौद्रिक लेनदेन का प्राथमिक माध्यम है। यह सामानों को स्थानांतरित करने, बीज खरीदने, फसल संरक्षण उपकरण, कृषि आपूर्ति खरीदने और बहुत सारे अन्य मामलों में वेतन लेन-देन का आधार रहा है।

परन्तु इस नकदी पर निर्भरता ने अधिकांश किसानों को वित्तीय ग्रिड से दूर रखा है, खासकर तब जब डिमॉनेटाइजेशन' या विमुद्रीकरण का दौर चलने लगा।

तब ही से किसानो के लिए डिजिटल समाधान एक सहूलियत, एवं एक बेहतरीन उपाय बनकर सामने आने लगा।

सफलता के नए बीज बोये गए।

डायरेक्ट मनी ट्रांसफर: इस डिजिटल इंडिया के युग में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर सिस्टम से जरूरतमंद और गरीब किसानों तक लाभ पहुंचने में मदद मिलती है। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसान कर्ज के बोझ को कम करने में बहुत सुविधा रहने लगी है। जब डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ संयुक्त किया जाता है, तो खेती को लाभप्रदता बढ़ाने के लिए सब्सिडी को मान्य और लक्षित किया जा सकता है जो बदले में किसानों को उत्पादकता बढ़ाने के लिए अपने खेतों में निवेश करने के लिए भी विश्वास दिलाता है।

सोशल मीडिया का उपयोग और ऑनलाइन बिल भुगतान : डिजिटल इंडिया मानव क्षमता के निर्माण के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी एक बेहतरीन लाभो में से एक है। इसका एक सबसे अच्छा उदाहरण जब किसान ऑनलइन बिल भुगतान करेगा तो उसका समय बचेगा और इसमें सहभागी वीडियो का उपयोग करसकते है जिसमें किसानों को अन्य किसानों को सर्वोत्तम प्रबंधन प्रथाओं की की जानकारी मिलेगी। यह पारंपरिक विस्तार सेवाओं की तुलना में अधिक प्रभावी है क्योंकि किसान दूसरे किसानों पर भरोसा करते हैं। इसके अलावा, वे अपने जैसे किसी व्यक्ति से बेहतर संबंध रखते हैं जो समान परिस्थितियों में एक जैसी जीवनशैली से आजीविका का निर्माण करते हैं।

किसानों को फाइनेंशियल ऑफ-ग्रिड से फाइनेंशियल ऑन-ग्रिड में स्थानांतरित

डिजिटल लेनदेन को अपनाने के लिए भारतीय किसानों की वित्तीय या भुगतान प्रोफ़ाइल बनाना होगा। IGS Digital Center जैसी कंपनियां से किसान के लेनदेन के खर्च और आवृत्ति के आधार पर किसानो की काफी मदद कर सकती है।

यह वित्तीय पहचान में और बैंकिंग पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर एक मजबूत भूमिका के साथ किसानो को सशक्त बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

उदाहरण के लिए, अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में जहां ग्राहकों के पास एटीएम की पहुंच नहीं है, IGS Digital Center द्वारा छोटा माइक्रो एटीएम (कैश @ MPOS) जैसे उत्पाद उनका डिजिटल युग में अच्छा अनुभा साबित होसकता है।

निष्कर्ष के तौर पर

भारत में कृषि उद्योग और IGS Digtal Center के बीच सहयोग और साझेदारी अनौपचारिक मुद्रा बाजार पर किसानों की निर्भरता को खत्म कर सकती है और औपचारिक बैंकिंग / वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर किसानों की एक नयी डिजिटाइज्ड पीढ़ी को ला सकती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात, यह किसान के जीवन से नकदी प्रवाह की मौसमी / अनिश्चितता को दूर कर सकता है और उन्हें पूरी तरह से आत्मनिर्भर बना सकता है। यह भारत में एक नयी और हरित क्रांति की शुरुआत हो सकती है।

1800-891-3350 पर हमें कॉल करें और आज ही (IGS DGITAL CENTER) हमारे डिजिटल सेवाओं के बारे में जाने।

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